सब खुशबू, सब खुशी शामिल होंगी, वह ही तो दोनों त्यौहारों के मज़े ले सकेंगे। सब खुशबू, सब खुशी शामिल होंगी, वह ही तो दोनों त्यौहारों के मज़े ले सकेंगे।
दूसरों का ना सोचकर अपने लिऐ ही जिया, आज ख़ुद को अपनी नज़रों में गद्दार3 पाया। दूसरों का ना सोचकर अपने लिऐ ही जिया, आज ख़ुद को अपनी नज़रों में गद्दार3 पाया।
घर का बंद दरवाजा मुझसे करे कई सवाल। घर का बंद दरवाजा मुझसे करे कई सवाल।
ए फ़ुरसत तू आ कभी मेरे पास ना दूर करें तुझे रखें आस पास। ए फ़ुरसत तू आ कभी मेरे पास ना दूर करें तुझे रखें आस पास।
एक समय था वो मेरे रग-रग से वाकिफ़ हो जाने में परेशां था... और एक आज है मेरी सूरत भी नजरन्दाज करना ही ... एक समय था वो मेरे रग-रग से वाकिफ़ हो जाने में परेशां था... और एक आज है मेरी सूरत ...